I bleed my pen,
Whenever my wounds ache
I bleed my pen,
Whenever my eyes are red
I bleed my pen,
Whenever i meet her in dream
I bleed my pen,
Whenever my heart gets split
by poniard of emotions.
©Aniketkohli
I bleed my pen,
Whenever my wounds ache
I bleed my pen,
Whenever my eyes are red
I bleed my pen,
Whenever i meet her in dream
I bleed my pen,
Whenever my heart gets split
by poniard of emotions.
©Aniketkohli
कश के धुंए में वो उसकी यादों को उड़ाता चला गया,
ये तोह उसका नशा था जो वो खुद को भी भुलाता चला गया।
उसके आने का दिलासा दे खुद को भी समझता चला गया,
जो हसीं कभी हो ना सकी उसकी वो उसे ही मनाता चला गया।
जिस दरिये का पानी खारा हो गया उस समंदर में खुद को डुबाता चला गया,
जले ख़्वाब जहां उन लपटों में खुद को भी जलाता चला गया।
हर रात वो दिल की सर्द को बढ़ाता चला गया,
हर सुबह वो उसे ख़्वाबों में दफनाता चला गया।
फूटे शीशे में वो उसे खूबसूरत बताते चला गया,
वो चांद की रोशनी को सवेरा बताते चला गया।
वो फूल की पलकों से लहू बहाते चला गया,
टूटे दिल से वो मोहब्बत निभाते चला गया!
©अनिकेतकोहली
वो चांद मुझे भी देख रहा है,
वो चांद उसे भी देख रहा है
मैं उस चांद में उसे देख रहा हूं,
वो भी उस चांद में मुझे देख रही होगी
वो चांद भी सोचता होगा हमें खुद में छिपा लेता,
इस दुनिया से आज़ाद कर वो हमें यूं मिला देता
वो चांद मुझे भी देख रहा है,
वो चांद उसे भी देख रहा है
मेरी रातों का सहारा बन चुका है अब यह चांद,
मैं ना सही मेरे लिए तुम्हारा बन चुका है अब यह चांद
तुम्हारी तलब का गुज़ारा बन चुका है अब यह चांद,
मेरे अधूरेपन का सहारा बन चुका है अब यह चांद।
©अनिकेतकोहली
दिल एक खिलौना है
कभी हंसाता है कभी रुलाता है,
दिल एक खिलौना है
जो टूट कर भी साथ निभाता है,
दिल एक खिलौना है
कभी खुद को खुद ही के राज़ बताता है,
दिल एक खिलौना है
जो कभी खुद से मिलने से भी इतराता है !
© अनिकेतकोहली
काश झूठे ही रह जाते
तो यह आंसू न आते,
न ही उन्हें ज्यादा कुछ हम बताते,
शायद प्यार बच जाता अगर कुछ सच हम छुपाते,
काश हम झूठे ही रह जाते।
सच्चे प्यार में जब सच्चाई आ गई,
गहरे रिश्ते में इक तन्हाई सी आ गई,
सच्चा बनते बनते दिल यह टूट गया,
दिल की ही सुनी थी जो तेरा साथ छूट गया।
काश आज भी तुम करीब होते, यूं दूर न जाते
काश अब भी दो पल वो प्यार भरी बातें कर पाते,
थोड़ा सा तो तुम भी हमे समझने की कोशिश कर पाते,
या काश, हम झूठे ही रह जाते।
सोचा था कभी तुम्हे धोखे में न रखेंगे,
सोचा था साथ जिएंगे और साथ मरेंगे,
इस रिश्ते को ज़रा और मजबूत करने को चाहा था,
पर वो खुदा कहानी तो कुछ और ही लिख रहा था।
पता नही अधूरापन कहां रह गया,
हम तुम्हे मना नहीं पाए
या तुम हमें समझ नही पाए,
पर हां, अगर हम झूठे रह जाते
तो शायद आज यह आंसू न आते!
©अनिकेतकोहली
रास्ते काफी बदले से है,
आसरे भी अब टूटे से है,
वो मीठे बोल अब सुनाई नही देते,
मेरे फोन की घंटियां अब उसका नाम नही लेती।
पर जाने क्यों इक तालाश सी है,
टूटी ही सही पर जिंदा एक आस सी है,
कुछ ख़ुद में खोये है, कुछ तुम में
तुम्हारे लफ्ज़ कानों में आज भी गूंजते है।
हां टूटे है हम और तुम्हारे चुप ज़वाब,
पिरोये तो तुमने भी थे कई झूठे ख़्वाब,
सिफ़र है सफ़र मेरा, तुम्हारे बाद
ठहरा मैं मुंतजिर और तुम गुमशुदा।
अधूरे है हम, अधूरा लगे सब
इंतज़ार था वस्ल का पर मिले बस अश्क,
दुआएं भी न सुनी क्यों तूने ऐ ख़ुदा,
क्यूं मैं मुंतजिर, वो क्यूं गुमशुदा।
©अनिकेतकोहली