I bleed my pen,
Whenever my wounds ache
I bleed my pen,
Whenever my eyes are red
I bleed my pen,
Whenever i meet her in dream
I bleed my pen,
Whenever my heart gets split
by poniard of emotions.
©Aniketkohli
I bleed my pen,
Whenever my wounds ache
I bleed my pen,
Whenever my eyes are red
I bleed my pen,
Whenever i meet her in dream
I bleed my pen,
Whenever my heart gets split
by poniard of emotions.
©Aniketkohli
दिल एक खिलौना है
कभी हंसाता है कभी रुलाता है,
दिल एक खिलौना है
जो टूट कर भी साथ निभाता है,
दिल एक खिलौना है
कभी खुद को खुद ही के राज़ बताता है,
दिल एक खिलौना है
जो कभी खुद से मिलने से भी इतराता है !
© अनिकेतकोहली
टूट जाना, बिखर जाना
पर थाम लेना खुद को,
एक दिन आयेगा जब फ़र्क नही पड़ेगा।
दुनिया से छुपा लेना खुद को,
बुझी आग में जला लेना खुद को,
इन पत्थरों तले दबा लेना खुद को,
एक दिन आयेगा जब फ़र्क नही पड़ेगा।
इस दरिया को छलकने मत देना,
इस खामोशी को दिखने मत देना,
किसी कोने में जा ज़रा सा तड़प लेना,
एक दिन आयेगा जब फ़र्क नही पड़ेगा।
©अनिकेतकोहली
यह सपनो की दुनिया ख्वाबों में तो जन्नत लगती है,
पर किनारे बैठ कर दरिया की गहराई का पता किसे चलता है।
काफी छोटी है यह दुनिया जिसे जीतने के लिए हम न जाने कितनी बड़ी लड़ाइयां लड़ लेते है, कभी लोगो से तो कभी खुद से ही।
जीत तुम्हारा इंतजार कर रही है हर रोज खुद से यह कहना पड़ता है और वक्त बदल देने का इरादा लेकर इस वक्त की मार को भी सहना पड़ता है।
ख्वाबों का एक इम्तेहान है जिसे जिंदगी के पन्नो पे काली सिहायी से लिखना है, परिणाम कुछ भी हो गहरा छप ही जाता है।
खैर गिरना भी जरूरी है, अगर गिरते नहीं तो जिंदगी दूसरा मौका कहां देती, गिरकर उठना उठकर गिरना, यही सिलसिला चलता रहता है।
हर शाम में उम्मीद होती है
हर सुबह में जुनून
हम टूटे है, थके नहीं
बिखरे है, मरे नहीं !
© अनिकेतकोहली
ज़िंदगी की राहों में यूंही कुछ लोग मिल जाते है,
कुछ लम्हें यादगार बनते है और चेहरे खिल से जाते है,
कुछ पल का ही होता है वो समा
जब अनजाने ही सही,
कुछ खूबसूरत दोस्त मिल जाते है।
वो लम्हा तो बीत जाता है पर यादें रह जाती है,
और उन यादों में हम खुशियां टटोलते रहते है,
कभी सोचते है, कितना हसीन था वो लम्हा
काश, हम थोड़ा और खुल के जी पाते।
©अनिकेतकोहली
दिल से जो साथ है, दिल उनके लिए साफ है,
साजिशें है कातिल यह, गलतियां तो माफ है,
आंसू यह दिखते नहीं, तकलीफें तो राज़ है,
आंखों से कल दिखे, पर आंखों में आज है।
ख्वाईशें खत्म हुई, पर उसूल यह मरा नहीं,
चेहरों को देख लिया और दर्द कभी कहा नहीं,
सब बदला बदला सा है, पर लगे फर्क पड़ा नहीं,
दुनिया यह ज़ाम जैसी, नशा उतरा पर दिल यह भरा नहीं।
सच तो ना छुपे, तुम कितना छुपाओगे,
मुंह को जो फेरा कभी, तो बातें बनाओगे,
ज़रूरतें है लाज़मी, फिर अपनापन भी जताओगे,
वक्त जो बदले फिर, तुम फिर बदल जाओगे।
©अनिकेतकोहली

Sometimes it feels like an end,
Sometimes like a begining
I feel fresh as a morning,
sometimes I sink as an evening,
Sometimes it seems ok to be as I am,
Sometimes I am hungry for a change,
Sometimes i need someone to stay around me,
Sometimes i like to stay alone and far from friends.
When I turn back every ups and downs are visible,
When I step forward everything is blur,
Sometimes It feels that the journey is going go be so colourful,
Sometimes it seems the joys are going to be discolour.
I ain’t afraid of challenges, but I am sad to lose myself,
I am holding on past, but still pushing to move myself.
But everything is blur!
©Aniketkohli